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बैंक में एक ग्राहक ने सुन्दर बैंक कर्मी स

बैंक में एक ग्राहक ने सुन्दर बैंक कर्मी से
बड़ी ही शालीनता से पूछा ?
ग्राहक :- मैडम जी , क्या मैं यह जान सकता हूँ
कि जो चेक मैंने अभी दिया है वो कितने दिन में क्लियर
होगा ! मैडम :- कम से कम दो , तीन लगेंगे !
ग्राहक :- लेकिन मैडम ,इतना टाइम क्यों लगेगा ? जिस
बैंक का चेक मैंने दिया है वो तो सामने वाली बिल्डिंग में
है !
मैडम ( बड़े ही शांत स्वर में ) :- सर , मैं आपको कैसे
समझाऊं , प्रोसीजर तो फॉलो करना पड़ता है न , मान
लीजिये कि शमशान के सामने ही आप मर जाते हैं
तो आपकी लाश को घर ले जायेंगे कि वहीँ सामने
निपटा देंगे ??? ‘
बोलिए !
ग्राहक बेहोश !!!!!:D:D


1 Bacha School Ka Kaam Kar Raha Tha

1 Bacha School Ka Kaam Kar Raha Tha Ki Uski
Pencil Zameen Pe Gir Gayi,
Usne Seenay Pe Hath Rakh Ke Utha Li,
Phr Uski Ruber Giri Usnay Seenay Pe Hath Rakh
Ke Utha Li,
Uski Maa Ne Kha K Tum Seenay Pe Hath Rakh K
Cheezen Q Uthate Ho??
Bacha Bola: Hamari Miss B Aise Uthati Hain,
Maa: Beta Unko Aise Uthane Do Lekin Tum Aise
Na
Kia Karo.
Bacha: Nahi Maa 1 Dafa Unhone Hath Nahi
Rakha
Tha To Unke fefde bahar aa gye the….Sory yr acha lga to share kr dia ..


MERI~DASTHAN

♥ MERI~DASTHAN ♥
Humari Bhi Thi Ek Kahani,
Humari Bhi Thi Ek Hasti Purani,
*
Kaandhe Pe Tha Dosto Ka Hath, Sara Jamana Jeet Lete Aisa Tha Yaron Ka Sath,
*
Saath Baithkar Karte The Masti,
Jab Samosa Tha 2Rupe Aur Chai Thi Sasti,
*
Dosto Ke Liye Kiya Bachpan Kurban,
Aaj Wo Ban Baithe Is Dhadkan Ki Jaan,
*
Choti Se Choti Bato Ko Dil Se Lagaya,
Phir Bhi Kamino Ne Jaate Jaate Khub Hansaya,
*
Pathai Ka To Sirf Ek Bahana Tha,
School Me To Dosta Se Milne Jana Tha,
*
Marne Se Pahle Dosto Ek Wada Nibhana,
Meri Kabar Per Aakar Kahna…
“YAAR” UTH KAL MOVIE DEKHNE TIME PER AANA…..!♥♥


Mohabbat-Ki-Dard-Bhari-Dastaan

♣” Mohabbat-Ki-Dard-Bhari-Dastaan “♣
एक लडका लडकी आपस मेँ बहुत प्यार करतेँ थे,
¤¤
लडकी रोज लडके से बोलती थी,
कि जान मेरा दिल तुम्हारे पास है। और मै तुम्हारे बिना जी नहीँ सकती।
¤¤
पर अचानक लडकी लडके को धोखा दे देती है
और लडकी एक अमीर लडके से शादी कर लेती है।
¤¤
एक दिन लडकी के पास एक ‘पार्सल’ आता है।
लडकी जब ‘पार्सल’ खोलती है
तो उसकी आँखोँ मेँ आँसु आ जाते है।
¤¤
उस ‘पार्सल’ मेँ एक काँच का छोटा बक्सा था
और उस बक्सेँ मेँ उस लडके का खुन से लथपथ ‘दिल’ रखा हुआ था।
¤¤
साथ मेँ एक खुन से लिखा खत था जिसमेँ
लिखा था।
¤¤
अरे”पगली” अपना दिल
तो लेती जा वरना अपने पति को क्या देगी।§§


Ek Tooti Prem Kahani,

Ek Tooti Prem Kahani,
^^^^^^^^^^^^^^^^^^
Fark Sirf Itna Sa H,
Unki Barat Gyi,
Inki Mayat Uthi,

Phool Us Pr B the, Phool Is Pr B The,

Mehfil Waha B Thi,
Log Yaha B The,

Wo Doli Pe Thi,
Ye Janaze Pe Tha,

Unka Hasna Waha,
Inka Rona yaha,

Sahliya Unki B Thi,
Dost Inke B The,

Qazi Udhar B The,
Molvi Idar B The,

Wo Saj Ke Gyi,
Ise Sajaya Gya,

Wo Uth Ke Gyi,
Ise Uthaya Gya,

Fark Sirf Itna Sa H,
Use Apnaya Gya, ‘AUR’…..
Ise Dafnaya Gya….!!♣


NICE STORY

♣♣NICE STORY♣♣
एक हसीन लडकी एक राजा के दरबार मेँ डाँस कर रही थी,
(राजा बदसुरत था)।
~~~
निवेदन के बाद, लडकी ने राजा से एक सवाल की इजाजत तलब
की,
~~
राजा ने कहा कि पुछौ!
लडकी ने कहा कि-
जब खुदा हुस्न तकिशम कर रहा था,
तो आप कहाँ थे?
~~~
राजा ने गुस्सा नही किया,
बल्कि मुस्कराते हुए कहा-
~~~
जब तुम हुस्न की लाईन मेँ खडी हुस्न ले
रही थी,
तो मै किस्मत की लाईन मेँ खडा किस्मत ले
रहा था
“और”
आज तुझ जैसी हुस्नवालीयाँ मेरी गुलाम है,
~~~
इसलिए शायर ने कहा है,-
“हुस्न” ना मांग “नसीब” मांग ऐ दोस्त “हुस्न”
वाले अक्सर “नसीब” वालोँ के गुलाम हुआँ करते
है…..!♣♣


Tha Mai Neend Me Aur Mujhe Itna

Tha Mai Neend Me Aur Mujhe Itna Sajaaya Ja Rha Tha..

Bade Pyaar Se Se Mujhe Nahlaya Ja Rha Rha Tha…

Na Jaane…
Tha Vo Kounsa Ajab Khel Mere Ghar Me,

Bachcho Ki Tarah Mujhe Kandhe Par Uthaya Ja Rha Tha…

Tha Paas Mera Har Apna us Vaqt…
Phir Bhi Mai Har Kisi Ke Man Se Bhulaaya
Ja Rha Tha…

Jab Kabhi Dekhte Bhi Na The Mohabbat Ki Niganho Se…

Unke Dil Se Bhi Pyaar Mujhe Par Lutaya Ja Rha Tha.

Malum Nhi Kyu Hairan Tha Har Koi Mujhe Sote Huye Dekh Kar…

Jor-Jor Se Ro-Kar Mujhe Jagaya Ja Rha Tha.
Kaanp Uthi Meri Ruh Vo Manjar Dekh Kar…

Jahan Mujhe Hamesha Ke Liye Sylaya Ja Rha Tha..

Mohabbat Ki Intaha Thi Jin Dilo Me Mere …
Unhi Dilo Se Aaj Mai, Ek Pal Me Dur Ja Rha
Tha……!♣♣


जिन्दगी इन्सान को कहाँ से कहाँ ले आती है,

जिन्दगी इन्सान को कहाँ से कहाँ ले आती है,
एक पल खुशी तो दुसरे पल गम दे जाती है,

चाहते है जिसे दिलो जान सनम,
अकसर उसे गम दे जाते है, प्यार करने से रोका नहीँ पर,
निभाना है कैसे उससे ये जाना नही,

करके वफाये भी हम उससे,
निभाना है कैसे ये हम जानते नही,
प्यार तो हम उससे करते बहुत,
सनम पर दिखाना हम जानते नही,

चाह कर भी पा ना सके जिसे,
उससे अकसर अपना मानते नही,
जाने ऐसा क्युँ होता है…

जिन्दगी इन्सान को कहाँ से कहाँ ले आती है,
एक पल खुशी तो दुसरे पल गम दे जाती है…!


कुछ सालोँ बाद ये पल याद आयेँगेँ, जब हम अपन

कुछ सालोँ बाद ये पल याद आयेँगेँ, जब हम अपने मुकाम पर पहुँच जायेँगे,
::
अकेले जब भी होएगेँ साथ गुजारे हुए लम्हेँ याद
आयेँगेँ,
:: पैसे तो बहुत होँएगे शायद पर खर्च करने के लम्हेँ
कम हो जायेँगेँ,
::
आज ज्यादा मैसेज आने से गुस्सा होते है, कल एक-एक मैसेज को तरस जायेगेँ,
::
एक कप चाय दोस्तो की याद दिलायेगी, फिर सोचते-सोचते आँखे नम हो जायेगी,
::
इन पलो को मिलकर दिल खोल कर जिलो यारोँ,
::
क्यु की जिन्दगी इन दिनो को फिर नही दोहरायेगी…!!


राहुल: रात भर रोही तुम,

राहुल: रात भर रोही तुम,
दु:खी हो ना मेरे इश्क मेँ,

आरोही: नही,
ऐसे ही रो रही थी तुम्हारी याद मेँ,

राहुल: पर मेँ तो यही हुँ
आरोही: ऐसे ही रहोगे ना मेरे पास

राहुल: यही कहने आया था तुम्हे.
के अब तुम्हे जितना रोना है रो लो,

तुम्हारे रोने के दिन अब गये. मे ये सब छोड दुगाँ,
आरोही,

मे नया बन जाऊगाँ तुम्हारे लिये
देखना सब ठीक हो जायेगाँ,
मै भी तुम भी मदद करोगी ना मेरी?

आरोही: कभी ना कहाँ है?
राहुल: नही

भुला देना मुझे है
अलविदा तुझे,
तुझे जीना है मेरे बिना..!